लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश, विपक्ष का हंगामा:रिजीजू बोले- UPA ने 123 प्रॉपर्टी वक्फ को दीं, संशोधन नहीं लाते तो संसद पर भी दावा कर देते
लोकसभा में सोमवार दोपहर वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू प्रश्नकाल के बाद दोपहर इसे सदन में चर्चा के लिए पेश किया। स्पीकर ओम बिरला ने बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया है। इसमें से NDA को 4 घंटे 40 मिनट दिए गए हैं, बाकी वक्त विपक्ष को मिला है।
चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बिल को समर्थन देने की घोषणा की है। दोनों पार्टियों ने अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप भी जारी किया है।
दूसरी तरफ विपक्ष बिल के विरोध में है। मामले में तमिलनाडु की AIADMK, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल और के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति जैसी न्यूट्रल पार्टियां भी विपक्ष के साथ हैं। बीते दिन I.N.D.I.A ब्लॉक के दलों ने संसद भवन में बैठक करके बिल पर अपनी रणनीति को लेकर चर्चा की।
विपक्ष ने चर्चा का समय बढ़ाकर 12 घंटे करने की मांग भी की है। किरेन रिजिजू ने कहा है कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। देश भी जानना चाहता है कि किस पार्टी का क्या स्टैंड है।
इस बीच, यूपी में पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। भोपाल में मुस्लिम महिलाएं बिल के समर्थन में उतरीं और पीएम नरेंद्र मोदी का शुक्रिया जताया।
किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में इलेक्शन में कुछ ही दिन बचे थे। 5 मार्च 2014 को 123 प्राइम प्रॉपर्टी को दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दीं। चुनाव में कुछ दिन चुनाव में बाकी थे, आप इंतजार करते। आपने सोचा कि वोट मिलेंगे, लेकिन आप चुनाव हार गए।
आपने कहा था कि कोई भी भारतीय वक्फ क्रिएट कर सकता है। इस बात को हमने फिर से रिवाइव कर दिया है कि वक्फ वही क्लेम कर सकता है, जो कम से कम 5 साल इस्लाम धर्म को मानता है। वक्फ बोर्ड को सेक्युलर बनाना चाहते हैं। अब वक्फ में शिया भी रहेंगे, सुन्नी भी रहेंगे, बोहरा भी रहेंगे, मुस्लिम बैकवर्ड क्लास भी रहेगा, एक्सपर्ट नॉन मुस्लिम रहेंगे, महिलाएं भी रहेंगी। वक्फ बोर्ड के मेंबर 4 नॉन मुस्लिम हो सकते हैं, 2 महिलाएं होनी ही चाहिए।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि 2014 में हम सब चुनाव में थे। उससे पहले 2013 में कुछ कदम उठाए गए। जिन्हें एक नागरिक और सदस्य के रूप में आपके दिमाग में सवाल उठेगा कि ये कदम क्यों उठाया गया।
पहला था कि कोई भले ही किसी धर्म का हो कि कोई भी वक्फ क्रिएट कर सकता है। शिया बोर्ड में शिया रहेंगे, सुन्नी में सुन्नी रहेंगे, ऐसा आपने प्रावधान किया था। एक प्रावधान आया था कि वक्फ बोर्ड का जो प्रावधान है, इस देश में कोई भी मौजूदा कानून है, यह (वक्फ) उसके ऊपर रहेगा। इस देश में ऐसा कानून कैसे मंजूर कर सकते हैं?
2013 में जो बिल पास हुआ, उस पर ताज्जुब हुआ। 1970 से दिल्ली में एक केस चल रहा था। दिल्ली की कई प्रॉपर्टी पर वक्फ ने दावा किया। इसमें पार्लियामेंट बिल्डिंग भी थी। 123 प्रॉपर्टी यूपीए सरकार ने वक्फ को दे दी थी। आज ये संशोधन नहीं लाते तो संसद की इमारत को भी क्लेम किया जा रहा था। यूपीए की सरकार जारी रहती तो क्या-क्या प्रॉपर्टी पर दावा किया गया था। सभी को डी-नोटिफाई कर दिया जाता।
किरेन रिजिजू ने कहा कि कई लीगल एक्सपर्ट, कम्युनिटी लीडर्स, धार्मिक लीडर्स और अन्य लोगों ने कमेटी के सामने अपने सुझाव रखे। पिछली बार जब हमने बिल पेश किया था, तब भी कई बातें बताई थीं। मुझे उम्मीद ही नहीं, यकीन है कि जो इसका विरोध कर रहे हैं, उनके हृदय में बदलाव होगा और वे बिल का समर्थन करेंगे। मेरे मन की बात कहना चाहता हूं….
किसी के बात कोई बदगुमां न समझे कि जमीं का दर्द कभी आसमां न समझे।
किसी ने कहा कि ये प्रावधान गैर संवैधानिक हैं। किसी ने कहा कि गैर-कानूनी है। यह नया विषय नहीं है। आजादी से पहले पहली बार बिल पास किया गया था। इससे पहले वक्फ को इनवैलिडेट (अवैध करार) किया था। 1923 में मुसलमान वक्फ एक्ट लाया गया था। ट्रांसपेरेंसी और एकाउंटिबिलिटी का आधार देते हुए एक्ट पारित किया गया था।
केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि ये बहुत पारदर्शी बिल है। यह जमीन और संपत्ति से जुड़ा है। सभी समुदाय इसका समर्थन कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि गरीब मुस्लिम और मिडिल क्लास बिल के समर्थन में हैं। केवल बड़े जमींदार बिल का विरोध कर रहे हैं।
https://twitter.com/i/status/1907292635624050951
चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बिल को समर्थन देने की घोषणा की है। दोनों पार्टियों ने अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप भी जारी किया है।
दूसरी तरफ विपक्ष बिल के विरोध में है। मामले में तमिलनाडु की AIADMK, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल और के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति जैसी न्यूट्रल पार्टियां भी विपक्ष के साथ हैं। बीते दिन I.N.D.I.A ब्लॉक के दलों ने संसद भवन में बैठक करके बिल पर अपनी रणनीति को लेकर चर्चा की।
विपक्ष ने चर्चा का समय बढ़ाकर 12 घंटे करने की मांग भी की है। किरेन रिजिजू ने कहा है कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। देश भी जानना चाहता है कि किस पार्टी का क्या स्टैंड है।
इस बीच, यूपी में पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। भोपाल में मुस्लिम महिलाएं बिल के समर्थन में उतरीं और पीएम नरेंद्र मोदी का शुक्रिया जताया।
सिब्बल बोले- क्या हिंदू धर्म में सुधार की जरूरत नहीं है
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि वैसे तो हर धर्म में सुधार की जरूरत होती है, चाहे फिर हिंदू धर्म हो, मुस्लिम हों, क्रिश्चिएनिटी हो। सुधार अच्छी बात है।
देश में कौन सी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, आज ये तय हो जाएगा। इस साल बिहार में चुनाव हैं। अगर JDU बिल के पक्ष में रही तो वे चुनाव हार जाएंगे। इस बात की संभावना है कि JDU सांसद सदन से वॉकआउट कर जाएं। चिराग पासवान भी ऐसा कर सकते हैं। इसके बाद बीजेपी के पास बिल को पास कराने का मौका रहेगा।
https://twitter.com/i/status/1907298835036303670
मैं मोदी जी पूछना चाहता हूं कि आप हिंदू धर्म में सुधार क्यों नहीं लाना चाहते? मस्जिद गिर जाती है, लेकिन आप चुप रहते हैं। संभल के मामले में आप चुप रहे। ये एजेंडा चलता रहता है और आप चुप रहते हैं। हिंदू धर्म में जो अपनी वसीयत करता है कि संपत्ति बेटों को जाएगी और बेटियों को नहीं। तो क्या बेटियां, उसी पिता की संतान नहीं होतीं? क्या यहां सुधार की जरूरत नहीं है?
रिजिजू बोले- विपक्षी नेता कह चुके कि वोट बैंक के लिए विरोध कर रहे
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामले और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कुछ नेता और कुछ धर्मगुरु मासूम मुस्लिमों को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। इन्हीं नेताओं-धर्मगुरुओं ने पहले कहा था कि सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) से मुस्लिमों पर असर पड़ेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कई कांग्रेस नेता और विपक्षी पार्टियां कह चुकी हैं कि इस बिल की जरूरत है, लेकिन हम वोट बैंक के लिए इसका विरोध कर रहे हैं।
https://twitter.com/i/status/1907301941157487025
वकील विष्णु शंकर जैन बोले- वक्फ संशोधन बिल एक कदम आगे
वाराणसी में एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा- वक्फ संशोधन बिल को काफी सलाह-मशविरे और सुझावों के बाद लाया गया है। वक्फ के कॉन्सैप्ट में ही संशोधन हो चुका है। बिल में कई तरह के चैक एंड बैलेंस लाए गए हैं। यह संशोधन एक कदम आगे है, लेकिन यह पूर्ण नहीं है, इसमें कुछ खामियां हैं, इसलिए बिल को जेपीसी में ले गए।
विष्णु शंकर जैन ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे हैं।
सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसदों की बैठक
वक्फ संशोधन बिल पेश होने से पहले संसद भवन में सत्ता पक्ष के सांसदों की मीटिंग हुई। ये बैठक संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के ऑफिस में हुई।
इधर, विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों की बैठक ली।
रिजिजू ने कहा कि हम सोच समझकर वक्फ संशोधन बिल ला रहे हैं। आज ऐतिहासिक दिन है। कुछ लोग ही बिल का विरोध कर रहे, पूरा देश साथ है। विपक्ष तर्क के साथ इसका विरोध करे। किरेन रिजिजू मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 को निरस्त करने वाले विधेयक पर विचार करने का भी प्रस्ताव रखेंगे।
अखिलेश बोले- बीजेपी में ये दिखाने की होड़ चल रही कि कौन खराब हिंदू है
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी में वोट लेने के लिए, अपने आपको बड़ा नेता बनाने के लिए, कौन खराब हिंदू है, कौन ज्यादा किसी को परेशान कर सकता है, इसमें मुकाबला चल रहा है। राममनोहर लोहिया ने अपनी किताब में लिखा था कि कई सालों से कट्टरवादियों और उदारवादियों में लड़ाई चल रही है।
बीजेपी को जमीन से बेहद लगाव है। वे रेलवे, रक्षा और वक्फ की जमीन को बेचेंगे। ये सारी करके वे अपनी नाकामियों को छिपाना चाहते हैं।
https://twitter.com/i/status/1907293965965312411
सरकार ने JDU-TDP के सुझाव माने
नीतीश कुमार की JDU और चंद्रबाबू नायडू की TDP ने बिल पर 3 सुझाव दिए थे। सरकार ने इन्हें मान लिया है।
- कानून को पिछली तारीख से लागू नहीं करना चाहिए।
- पुरानी मस्जिद, दरगाह या दूसरे मुस्लिम धार्मिक स्थान से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
- जमीन राज्यों का विषय है। जमीन पर राज्यों की भी स्पष्ट राय ली जाए।