जालंधर ईडी ने लुधियाना और चंडीगढ़ में बड़ी इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। ईडी की टीमों ने रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड, ओवरसीज पार्टनर एजुकेशन कंसल्टेंट्स और इन्फोविज सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और अन्य संबंधित पांच कमर्शियल और रिहायशी संपत्तियों में चेकिंग अभियान चलाया।
ये सभी कार्रवाई पीएमएलए 2002 के तहत की गई। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और 19 लाख की नकदी बरामद की गई है।
दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को बनाया आधार
ईडी द्वारा यह कार्रवाई पंजाब पुलिस और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की गई। इस संबंध में शिकायत फॉरेन क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन ऑफिस, यूएस एम्बेसी, नई दिल्ली द्वारा दी गई थी।
इस शिकायत को आधार बनाया गया। इसमें वीजा कंसल्टेंट मेसर्स रेड लीफ इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ओवरसीज पार्टनर एजुकेशन कंसल्टेंट्स और अन्य द्वारा की गई धोखाधड़ी की गतिविधियों का उल्लेख किया गया था।
अयोग्य उम्मीदवारों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप
ईडी की जांच से पता चला है कि आरोपी व्यक्तियों/संस्थाओं ने संयुक्त राज्य अमेरिका में अध्ययन या काम करने के इच्छुक अयोग्य वीजा आवेदकों के शिक्षा प्रमाण पत्र/अनुभव पत्रों में जालसाजी की थी। उन्होंने झूठे कमीशन/फीस के बदले वीजा आवेदन के लिए न्यूनतम खाता शेष दिखाने के लिए विभिन्न वीजा आवेदकों के खातों में धनराशि स्थानांतरित की और उन्होंने विभिन्न तथ्यों और परिस्थितियों में हेराफेरी करके संयुक्त राज्य अमेरिका के वीजा के लिए अपनी पात्रता दिखाने में विभिन्न वीजा आवेदकों की झूठी मदद की।
ठगी के पैसे से बनाई है प्रॉपर्टी
ऐसी आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से आरोपी व्यक्तियों व संस्थाओं ने वीजा आवेदकों से मोटी रकम वसूली है। ऐसी आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से कमाया पैसा अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश किया गया और विभिन्न बैंक खातों में जमा किया गया।