बठिंडा में कोरोना से तीन लोगों की मौत, 11 लोगों की रिपोर्ट मिली पोजटिव, डेंगू को लेकर प्राइवेट अस्पतालों की लूट

-चिंता-सिविल अस्पताल में कोरोना टेस्ट करवाने नहीं आ रहे लोग, विभाग ने मोबाइल वैन शुरू कर घर-घर जाकर शुरू किया टेस्ट -कोरोना के साथ डेंगू ने भी दिखाना शुरू किया असर. प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की हो रही लूट

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बठिंडा. जिले में कोरोना का कहर अभी जारी है हालांकि नए टेस्ट ज्यादा तादाद में नहीं होने के चलते चिंतित सेहत विभाग ने बुधवार को मोबाइल टेस्टिंग के माध्यम से शहर में कोरोना टेस्ट करने शुरु कर दिए लेकिन दूसरी तरफ सिविल अस्पताल में बने टेस्टिंग सेंटर में लोग नामात्र टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। जिले में बुधवार को तीन लोगों की कोरोना से मौत हुई जबकि 11 लोगों की रिपोर्ट पोजटिव मिली है। जिले में बुधवार को डबवाली वासी विनोद कुमार उम्र 60 साल प्राइवेट अस्पताल में दाखिल था जिसका 9 व 10 अक्तूबर को कोरोना टेस्ट दो बार करवाया गया तो वह पोजटिव मिले थे व बाद में उन्हें अस्पताल में दाखिल करवाया गयाजहां बुधवार की सुबह उनकी मौत हो गई। वही दूसरी मौत डल सिंह वाला जिला फरीदकोट की हुई है।

75 साल के दर्शन सिंह को 18 अक्तूबर को जांच के लिए लाया गया था जिसमें रिपोर्ट पोजटिव मिलने के बाद उन्हें बठिंडा के लाइन लाइन अस्पताल में दाखिल करवाया गया जहां बुधवार को उनकी मौत हो गई। वही तीसरी मौत कुलवंत राय वासी घरसाना राजस्थान की हुई है। 60 साल के कुलवंत राय को कोरोना पोजटिव मिलने के बाद मैक्स अस्पताल बठिंडा में दाखिल करवाया गया था जहां बुधवार दोपहर बाद उनकी मौत हो गई। इस तरह से जिले में कोरोना से मरने वाले मरीजों की तादाद 150 पहुंच गई है। वही बुधवार को कोरोना से संक्रमित मरीजों का मिलना भी जारी रहा। इसमें रामबाग रोड बठिंडा में एक, बाबा फरीद नगर गली नंबर 5 में एक, शक्ति नगर गली नंबर 5 में एक, कमला नेहरू नगर में एक, गणपति एक्लेव में एक, सुशांत सिटी में एक, धोबी बाजार में एक, हाउसफैड कालोनी में एक, भागू रोड गली नंबर एक में एक, एसबीआई भागू रोड में एक, मालविया नगर में एक कोरोना पोजटिव केस सामने आया है।
पूरे प्रदेश में जहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या अब कम हो रही है, वहीं बठिंडा में अब सैंपलिंग भी कम होने लगी है। सितंबर माह के अंतिम सप्ताह तक सेहत विभाग के विभिन्न कोविड सेंटरों से प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोगों की कोरोना सैंपलिंग की जा रही थी, जिसमें 100 व इससे अधिक लोग संक्रमित मिल रहे थे।
अब अक्टूबर माह के 20 दिनों में विभिन्न सेहत केंद्रों व फ्लू कार्नर से प्रतिदिन 500 व इससे कम लोगों की ही सैंपलिंग हो रही है। जिसके चलते पॉजिटिव रेट में भी कमी दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ बताते हैं कि लोग अब सैंपल टेस्ट कराने के लिए फ्लू कार्नर नहीं आ रहे हैं, यह खतरे के संकेत है। मंगलवार को जिले में 21 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले जबकि बुधवार को मात्र 11 लोगों की रिपोर्ट पोजटिव मिली हैं।
सेहत विभाग की से कोरोना सैंपलिंग के लिए सिविल अस्पताल बठिंडा, एसडीएच रामपुरा फूल, एसडीएच तलवंडी साबो, एसडीएच घुद्दा, सीएचसी गोनियाना, नथाना, बालियांवाली, संगत व भगता करीब 8 सैंपल टेस्टिंग प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं। नोडल अफसर कोविड-19 सैंपलिंग डा. नरेश सिंगला की देखरेख में प्रतिदिन शहर के अलग-अलग क्षेत्र व सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में मोबाइल टीम द्वारा कोविड सैंपलिंग कैंप लगाया जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों में उक्त मोबाइल सैंपलिंग टीम द्वारा कैंप के दौरान 165 आरटीपीसीआर और 2 हजार से अधिक रैपिड टेस्ट किए गए। मोबाइल सैंपलिंग टीम द्वारा बठिंडा नगर निगम, शहर के अंदर स्थित ढाबा, बस स्टैंड, मिनी सचिवालय, सरकारी राजिंदरा कालेज, फारेस्ट विभाग, बिजली दफ्तर, थर्मल प्लांट, आयकर विभाग, सिंचाई विभाग, सीवरेज बोर्ड कार्यालय, पॉलिटेक्निकल कालेज, प्रेम नगर, जनता नगर, बेअंत नगर, एक्स अस्पताल, रिफाईनरी, डीडी मित्तल टावर, गणेशा बस्ती स्थित डिस्पेंसरी, इंजीनियरिंग कालेज, जीएनएम स्कूल, लाल सिंह बस्ती स्थित सेहत केंद्र व अन्य स्थानों पर कैंप लगाया गया।
वही दूसरी तरफ शहर में फैल रहे डेंगू के कारण लोगों में दहश्त का माहौल है वही इसी दहश्त के नाम पर कई निजी अस्पतालों में आने वाले हर मरीज का डेंगू कार्ड टेस्ट करवाया जा रहा है। निजी लैब संचालक 600 से 700 रुपए तक वसूल कर रहे हैं। हालांकि इस टेस्ट में पूरी तरह से डेंगू की पुष्टि नहीं होती है। एलाइजा टेस्ट की सुविधा सिर्फ सिविल अस्पताल में ही है। जिसकी रिपोर्ट एक से दो दिन बाद आती है।
जबकि कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट मात्र 30 से 40 मिनट में आ जाती है। प्राइवेट अस्पताल कार्ड टेस्ट व सीबीसी रिपोर्ट में प्लेटलेट्स के मुताबिक ही उपचार कर रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि एलाइजा टेस्ट की किट महंगी आती है और इसमें एक साथ करीब 8 से 10 सैंपलों के टेस्ट होते हैं।
एलाइज टेस्ट सिर्फ सप्ताह में दो दिन
अस्पताल में डेंगू-मलेरिया के सैंपल तो प्रतिदिन एकत्र होते हैं, लेकिन एलाइज टेस्ट सिर्फ सप्ताह में दो दिन किए जाते हैं। रिपोर्ट में देरी के चलते मरीज प्राइवेट अस्पताल में जाने को मजबूर हो रहे हैं।
कार्ड से नहीं होती डेंगू की पुष्टि
सिविल अस्पताल एसएमओ डा. मनिंदर पाल सिंह ने कहा कि लैब में सप्ताह के दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को डेंगू का टेस्ट किया जाता है। एलाइजा टेस्ट की प्रक्रिया अधिक होने के कारण समय लगता है। निजी लैब में डेंगू का कार्ड से किया जाता है। जिसमें डेंगू की पुष्टि नहीं होती, इसलिए एलाइजा टेस्ट करवाया जाता है।

 

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